लक्ष्मी कश्यप (संवाददाता)
तमिल और मलयालम सिनेमा में अपने काम के लिए मशहूर दिग्गज अभिनेता रविकुमार मेनन का 04 अप्रैल, शुक्रवार को 71 साल की उम्र में निधन हो गया। एक्टर के मौत की खबर सामने आते ही साउथ फिल्म इंडस्ट्री में मातम छा गया है। तकरीबन 100 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके रविकुमार मेनन बीते कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे। उनका चेन्नई के वेलाचेरी के प्रशांत अस्पताल में इलाज चल रहा था। रविकुमार के बेटे ने इस दुखद खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि सुबह करीब 9 बजे उनका निधन हो गया, जहां उनका कैंसर का इलाज हो रहा था।
रविकुमार मेनन का अंतिम संस्कार
ऑन मनोरमा की रिपोर्ट के अनुसार, रविकुमार मेनन का पार्थिव शरीर चेन्नई के वलसरवक्कम में उनके निवास पर ले जाया जाएगा। जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन की दुखद खबर सुन सभी को जबरदस्त झटका लगा है और वो सोशल मीडिया पर अभिनेता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। केरल के त्रिशूर जिले में फिल्म निर्माता केएमके मेनन और अभिनेता भारती मेनन के घर जन्मे रविकुमार ने अपने दमपर मलयालम और तमिल दोनों ही इंडस्ट्री में अपनी एक अलग जगह बनाई।
पांच दशकों तक साउथ सिनेमा में किया राज
रविकुमार मेनन ने 1968 की मलयालम फिल्म ‘लक्षप्रभु’ से अपने फिल्मी करियर की शुरूआत की और बाद में ‘उल्लास यात्रा’ (1975) में लीड रोल में देखा गया। तमिल सिनेमा में, उन्हें आशीर्वादम और के बालाचंदर की ‘अवर्गल’ (1977) जैसी बेहतरीन फिल्मों में देखा गया। पांच दशकों के करियर में, रविकुमार फिल्मों और टेलीविजन में लीड और सपोर्टिंग दोनों तरह के रोल में नजर आए। उन्होंने कमल हासन, रजनीकांत, मोहनलाल और ममूटी जैसे दिग्गजों के साथ स्क्रीन शेयर की और जे शशिकुमार और के बालाचंदर जैसे मशहूर निर्देशन संग काम किया है। टेलीविजन जगत में उन्हें ‘जन्नल: मारबू कविथैगल’ टीवी शो से खास पहचान मिली। हाल ही में, उन्हें कलैगनार टीवी पर ‘कन्नेधीरे थोंड्रिनल’ और तेलुगु शो ‘अनुबंधम’ में देखा गया था।