ताश की पत्तों की तरह बिखरा शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी लगातार दूसरे दिन धड़ाम, निवेशकों के 2 लाख करोड़ डूबे

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Big selling is Share Market - India TV Paisa

प्रियंका कुमारी (संवाददाता)

वीकली एक्सपायरी के दिन गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ताश की पत्तों की तरह बिखर गया। स्टॉक मार्केट में यह लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट आई। बाजार में चौतरफा बिकवाली आने से बीएसई सेंसेक्स 570.60 अंक टूटकर 66,230.24 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी 159.05 अंक लुढ़ककर 19,742.35 अंक पर बंद हुआ। बाजार में आज गिरावट आने से निवेशकों को 2 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं। आपको बता दें कि बुधवार को जब बाजार बंद हुआ था तो बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप 3.20 लाख करोड़ रुपये था जो आज घटकर 3.18 लाख करोड़ रह गया। इस तरह निवेशकों को एक दिन में 2 लाख करोड़ घट गए। अगर कल और आज को देखें तो निवेशकों को 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है।

 

इस कारण बाजार में आई गिरावट 

 

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और लंबे समय तक उच्च ब्याज दर की स्थिति के संकेत से घरेलू बाजार में गिरावट आई। यह स्थिति सुस्त पड़ती वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिये सकारात्मक नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मूल्यांकन अधिक होने और प्रतिफल में नरमी को लेकर चिंता से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और मझोली तथा छोटी कंपनियों के शेयरों पर प्रतिकूल असर पड़ा। कच्चे तेल के दाम में तेजी और उत्पादक क्षेत्रों में बारिश कम होने से निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया है।’’ सेंसेक्स के शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक में सर्वाधिक 2.81 प्रतिशत की गिरावट आई।

इन कंपनियों के शेयरों में गिरावट 

इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक और पावर ग्रिड के शेयर भी नुकसान में रहे। दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, लार्सन एंड टुब्रो और टाइटन शामिल हैं। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार बुधवार को नुकसान में रहे थे। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने बुधवार को दूसरी बार नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया। यह संकेत है कि कीमत दबाव कम होने से आक्रामक रुख कुछ नरम हुआ है।

विदेशी निवेशकों ने ​की बिकवाली

हालांकि, फेडरल रिजर्व ने यह भी संकेत दिया कि वह इस साल एक बार और नीतिगत दर में वृद्धि कर सकता है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 92.77 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 3,110.69 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।

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