‘पुरानी संसद को ‘संविधान सदन’ के रूप में जाना जाए’, PM मोदी के संबोधन की सभी बड़ी बातें, यहां पढ़ें

पुरानी संसद को 'संविधान सदन' के रूप में जाना जाए', PM मोदी के संबोधन की सभी  बड़ी बातें, यहां पढ़ें । PM Modi addressed the MPs in the old Parliament  House know

प्रियंका कुमारी (संवाददाता)

नई दिल्ली: पीएम मोदी ने आज पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में सभी सांसदों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज नए संसद भवन में हम सब मिलकर नए भविष्य का श्री गणेश करने जा रहे हैं। आज हम यहां विकसित भारत का संकल्प दोहराने, फिर से संकल्पबद्ध होने और उसको परिपूर्ण करने के लिए जी-जान से जुटने के इरादे से नए भवन की तरफ प्रस्थान कर रहे हैं।

‘संविधान सदन’ के रूप में जाना जाए पुराना संसद भवन, पीएम ने दिया सुझाव

पीएम मोदी ने कहा कि मेरा एक एक सुझाव है कि जब हम नई संसद में जा रहे हैं तो इसकी (पुरानी संसद भवन) गरिमा कभी कम नहीं होनी चाहिए। इसे सिर्फ पुराना संसद भवन बनाकर नहीं छोड़ देना चाहिए। मेरा आग्रह है कि यदि आप सहमत हैं तो इसे ‘संविधान सदन’ के नाम से जाना जाए।

‘आर्टिकल 370 से मुक्ति मिली, मुस्लिम बहनों को न्याय मिला’

पीएम ने कहा कि संसद के जरिए आर्टिकल 370 से मुक्ति मिली और इसी संसद में मुस्लिम बहनों को भी न्याय मिला। संसद ने ट्रांसजेंडर और दिव्यांगजनों के लिए कानून बनाए। इसके माध्यम से हमने ट्रांसजेंडर को भी सद्भाव और सम्मान के साथ नौकरी, शिक्षा, स्वास्थ्य और बाकी सुविधाएं देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। लालकिले से मैंने कहा था कि यही समय है, सही समय है। भारत जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसके परिणाम जरूर मिलेंगे।

‘जम्मू कश्मीर में इसी सदन में निर्मित संविधान लागू किया गया’

पीएम मोदी ने कहा कि हमने इस सदन में अनुच्छेद-370 से मुक्ति पाने, अलगाववाद एवं आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने का महत्वपूर्ण कदम उठाया। इस काम में माननीय सांसदों और संसद की बहुत बड़ी भूमिका है। जम्मू कश्मीर में इसी सदन में निर्मित संविधान लागू किया गया। आज जम्मू कश्मीर शांति और विकास के रास्ते पर चल पड़ा है और नई उमंग, नए उत्साह, नए संकल्प के साथ वहां के लोग आगे बढ़ने का कोई मौका अब छोड़ना नहीं चाहते।

’41 राष्ट्राध्यक्षों ने इस सेंट्रल हॉल में संबोधन दिया’

पीएम ने कहा कि 1952 के बाद दुनिया के करीब 41 राष्ट्राध्यक्षों ने इस सेंट्रल हॉल में हमारे सभी माननीय सांसदों को संबोधित किया है। हमारे सभी राष्ट्रपति महोदयों के द्वारा 86 बार यहां संबोधन दिया गया है। इसी सेंट्रल हॉल में तिरंगे और राष्ट्रगान को अपनाया गया। ये संसद हमें संकल्प भी देती है और प्रेरित भी करती है।

‘टेक्नालॉजी की दुनिया में भारत बन रहा दुनिया के लिए आकर्षण’

पीएम ने कहा कि टेक्नालॉजी की दुनिया में भारत का नौजवान जिस प्रकार आगे बढ़ रहा है, वो पूरे विश्व के लिए आकर्षण और स्वीकृति का केंद्र बन रहा है। अमृतकाल के 25 वर्षों में भारत को अब बड़े कैनवास पर काम करना ही होगा। हमें आत्मनिर्भर भारत बनाने के लक्ष्य को सबसे पहले परिपूर्ण करना चाहिए।

‘मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनने की दिशा में काम करना होगा’

पीएम ने कहा कि हमें अब मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनने की दिशा में काम करना होगा। हमारे यहां निर्मित डिजाइन, हमारे सॉफ्टवेयर, हमारे कृषि उत्पाद, हमारे हस्तशिल्प हर क्षेत्र में अब हमें वैश्विक मापदंडों को पार करने के इरादे से ही चलना होगा।

‘टॉप 3 इकोनॉमी में पहुंचकर रहेगा भारत’

पीएम ने कहा कि भारत टॉप 3 इकोनॉमी में पहुंचकर रहेगा। छोटी सोच से भारत बड़ा नहीं बनेगा। भारत सबसे ज्यादा युवा शक्ति वाला देश है। देश की युवा शक्ति पर देश को भरोसा है। स्किल डेवलपमेंट से भारत का डंका फिर बजेगा। पूर्वोत्तर भारत को समृद्ध बनाना है।

पीएम ने जी-20, नालंदा और भारत के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग का जिक्र किया

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारे विश्वविद्यालय दुनिया के अंदर टॉप रैंकिंग में आए, अब हमें इसमें पीछे नहीं रहना है। अभी जब G 20 में विश्व के मेहमान आए, मैंने वहां नालंदा की तस्वीर रखी थी, जब मैं दुनिया के नेताओं को कहता था कि 1500 साल पहले मेरे देश में उत्तम से उत्तम विश्वविद्यालय हुआ करते थे तो वे सुनते ही रह जाते थे।’

‘दुनिया भारत के आत्मनिर्भर मॉडल की चर्चा करने लगी’

पीएम ने कहा कि हमें आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को सबसे पहले परिपूर्ण करना चाहिए और यह हम से और हर नगारिक से शुरूआत होती है। एक समय ऐसा था कि लोग लिखते थे कि ‘मोदी आत्मनिर्भर की बात करता है, कहीं बहुपक्षीय के सामने चुनौती नहीं बन जाएगा।’ हमने पांच साल में देखा कि दुनिया भारत के आत्मनिर्भर मॉडल की चर्चा करने लगी है।

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