मुकेश अंबानी ने इन 10 स्टार्टअप को खरीदा, जानें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन ने क्यों लगाया अरबों का दांव

मुकेश और नीता अंबानी- India TV Paisa

प्रियंका कुमारी(संवाददाता)

देश के सबसे बड़े उद्योपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी लगातार स्टार्टअप पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। उन्होंने बीते कुछ सालों में स्टार्टअप्स के अधिग्रहण पर अरबों रुपये का निवेश किया है। आखिर, क्या वजह है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज जो खुद इतनी बड़ी कंपनी है और जिसका कारोबार रिटेल, इनर्जी, गैस, टेलीकम्युनिकेशन से लेकर कई दूसरे सेक्टर में फैला है, वह स्टार्टअप को खरीद रही है। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि मुकेश अंबानी एक मजे हुए बिजनेसमैन हैं। वो उसी स्टार्टअप को खरीद रहे हैं जो उनके मौजूदा बिजनेस को और बड़ा बनाने में सपोर्ट करने वाला है। तो आइए एक नजर डालते हैं कि मुकेश अंबानी ने किन-किन स्टार्टअप को अबतक खरीदा है और उनकी क्या विशेषज्ञता है।

  1. ऐडवर्ब (Addverb)ऐडवर्ब भारत में स्थित एक वैश्विक रोबोटिक्स कंपनी है जो इंट्रालॉजिस्टिक्स ऑटोमेशन के क्षेत्र में काम करती है। इस स्टार्टअप को जनवरी 2022 में रिलायंस रिटेल ने 132 मिलियन डॉलर में खरीदा था।
  2. नेटमेड्स (Netmeds)
    ऑनलाइन दवा बेचने वाली कंपनी नेटमेड्स को अगस्त 2020 में रिलायंस रिटेल ने 620 करोड़ रुपये में खरीदा था।
  3. रैडिसिस (Radisys)
    रैडिसिस, एक दूरसंचार समाधान कंपनी है जो उपभोक्ताओं को डिजिटल सेवा प्रदान करती है। जून 2018 में रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) द्वारा 74 मिलयन डॉलर में अधिग्रहण किया गया था।
  4. मिमोसा नेटवर्क (Mimosa Networks)
    मिमोसा नेटवर्क, वायरलेस ब्रॉडबैंड समाधान प्रदान करने वाली कंपनी है। अगस्त 2023 में Jio द्वारा 60 मिलियन डॉलर में अधिग्रण किया गया था।
  5. एम्बाइब (Embibe)
    एम्बाइब एक एआई-आधारित एड-टेक प्लेटफॉर्म है जो स्कूल के साथ-साथ जेईई, एसएससी और अन्य परीक्षाओं जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शिक्षा कार्यक्रम प्रदान करता है। एड-टेक को फरवरी 2020 के दौरान 90 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ, और बाद में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इसमें 500 करोड़ रुपये का निवेश किया।
  6. हैप्टिक (Haptik)
    हैप्टिक कंपनियों को एआई-संचालित कन्वर्सेशनल सीआरएम के जरिये कारोबार बढ़ाने में मदद करती है। कंपनी को अप्रैल 2019 में 102.3 मिलियन डॉलर में रिलायंस जियो डिजिटल सर्विसेज द्वारा अधिग्रहण किया गया था
  7. रेवेरी (Reverie)
    रेवेरी, एक क्लाउड-आधारित भाषा अनुवाद प्रबंधन मंच है जो कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद, वाक रूपांतरण, इनपुट और वेब सर्च में मदद करता है। 2019 में रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट्स एंड कंपनी द्वारा अधिग्रहण किया गया।
  8. फाइंड  (Fynd)
    खुदरा व्यापार के तरीके को बदलने के लिए अनुकूलित मॉड्यूलर तकनीकी बुनियादी ढांचे का निर्माण करने वाली कंपनी फ़ाइंड को रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट्स एंड कंपनी द्वारा 2019 में अधिग्रहण किया गया।
  9. क्लोविया (Clovia )
    महिलाओं के लिए ​कपड़े बनाने वाली कंपनी क्लोविया को मार्च 2022 में रिलायंस रिटेल द्वारा 950 करोड़ रुपये में अधिग्रहण किया गया था।
  10. टेसेरैक्ट (Tesseract)
    प्रौद्योगिकी कंपनी टेसेरैक्ट को अप्रैल 2019 में रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) द्वारा अधिग्रहित किया गया था।

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