उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रदेश के उन्नाव जनपद की हसनगंज कोतवाली में साल वर्ष 2010 से 2017 के बीच हत्या, डकैती, लूट जैसे दर्ज 72 मुकदमों की केस डायरी छह साल तक कोर्ट पहुंची ही नहीं।

हाइकोर्ट जाने के बाद उठा राज से पर्दा

न्याय मिलने की उम्मीद में भटक रहे पीड़ितों में जब एक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो सारा खेल सामने आ गया। एएसपी शशिशेखर सिंह की जांच में पता चला कि उस वक्त कोतवाली के दारोगा दिनेश कुमार मिश्र ने केस डायरी कोर्ट में दाखिल की ही नहीं है।

एएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना ने रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। इस पर हसनगंज में दारोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

महानगर थाना में तैनात है आरोपित दारोगा

मौजूदा समय में आरोपित दारोगा लखनऊ के महानगर थाने में तैनात है। इंस्पेक्टर महानगर प्रशांत कुमार मिश्रा ने बताया कि दारोगा दीपक उनके यहां तैनात है। दैनिक जागरण ने दारोगा दीपक से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।