Pulse Price Hike: अरहर दाल के दाम में लगी आग, जीरा का ‘तड़का’ भी महंगा; जानें- गोरखपुर कितने रुपये बिक रहा

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टमाटर अदरक के बाद अरहर की दाल ने लगाया महंगाई का तड़का, जानें कितना हुआ  इजाफा | Arhar dal price hike over Rs 10 in a month, see fresh price | TV9  Bharatvarsh

प्रिया कश्यप (सवांददाता)

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रोजमर्रा के सामनों के दाम में महंगाई की आग इस कदर लगी है कि आम लोगों की कमर टूट जा रही। अब लोगों का दाल- रोटी खाना भी महंगा हो गया है। अब तक के सभी रिकार्ड तोड़ते हुए जीरा जहां साढ़े सात सौ रुपये के पार पहुंच गया वहीं अरहर की दाल के दाम 160 प्रतिकिलो पहुंच गया है।

गरीबों से लेकर अमीरों तक के उपयोग में आने वाली दाल व जीरे की महंगाई ने होश उड़ा दिए हैं। अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ते हुए जीरा जहां साढ़े सात सौ रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है, वहीं फुटकर में अरहर दाल भी 160 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रही है। जीरे में तेजी की प्रमुख वजह जहां पैदावार में कमी व बेमौसम बारिश है, वहीं उत्पादन कम होना दाल में तेजी की मुख्य वजह है।

किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रहा जीरा

जीरा पिछले कुछ दिनों से किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है। एक वर्ष के भीतर जीरे की कीमत में तीन गुणा से अधिक उछाल आया है। बाजार के जानकार बताते हैं कि फिलहाल आने वाले कुछ दिनों में जीरे की कीमतों में कमी कोई आसार नहीं हैं, बल्कि तेजी और भी बनी रहने की उम्मीद है। शहर के किराना व्यवसायी निकुंज टेकड़ीवाल के अनुसार जीरे में तेजी की प्रमुख वजह देश में बेमौसम बारिश है, जिसके कारण पैदावार में 50 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इसके अलावा विदेश में मौसम की मार ने भी जीरे को काफी नुकसान पहुंचाया है।

इस वजह से बढ़े जीरा के दाम

तुर्किए व सीरिया में बेमौसम बारिश की वजह से बड़े पैमाने पर जीरे की फसल खराब हुई। इसकी भरपाई देश के जीरा कारोबारियों द्वारा निर्यात के जरिये की जा रही है। साहबगंज के प्रमुख जीरा व्यवसायी कृष्ण कुमार अग्रवाल के अनुसार देश में 90 प्रतिशत जीरे की पैदावार गुजरात व राजस्थान में होती है, लेकिन वहां भी इस बार बेमौसम बारिश की वजह से पैदावार में कमी आई है। यही वजह है कि जीरे का भाव लगातार बढ़ रहा है। भविष्य में पैदावार पर ही कीमत घटना या बढ़ना निर्भर करेगा।

दाल के दाम बढ़ने से बिगड़ा किचन का बजट

इसी तरह दो से तीन माह के भीतर अरहर दाल में आई तेजी से रसोई का बजट बिगड़ गया है। व्यापारियों के मुताबिक दाल का उत्पादन कम होना तेजी का प्रमुख कारण है। फिलहाल भाव में आगे और तेजी बनी रह सकती है। चैंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष व दाल कारोबारी संजय सिंघानिया ने बताया कि देश में अरहर की पैदावार कम होने और मांग अधिक हाेने से इसके दाम बढ़ रहे हैं। चार माह पूर्व तक फुटकर में 110 रुपये प्रति किलो बिकने वाली अरहर दाल इस समय 150 से 160 रुपये प्रति किलो बिक रही है। जनवरी से लेकर अब तक यदि भाव पर नजर डाले तो दाल की कीमतें 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है।

छह माह में ऐसे बढ़े जीरा व दाल के भाव

माह       जीरा     अरहर दाल

जनवरी    350       107

फरवरी   400        115

मार्च       450        120

अप्रैल     550        125

मई        600         135

जून       750-800  145-160

नोट: भाव प्रति किलो गुणवत्ता के अनुसार

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