देश का खूनी बंटवारा: आज ही के दिन पड़ी थी भारत के दो टुकड़े करने की नींव, पढ़ें 15 जून का काला इतिहास

The Bloody Legacy of Indian Partition | The New Yorker

विनीत महेश्वरी (सवांददाता)

History of 15 June आज का दिन भारत के इतिहास का काला दिन गिना जाता है। 15 जून को कांग्रेस के अधिवेशन में देश के बंटवारे की योजना को मंजूरी दी गई थी। आजादी की आड़ में देश को वो जख्म मिला था जो कभी नहीं भूला जा सकता।

देश के इतिहास का वो दर्द भरा समय, जब भारत मां के दो टुकड़े हुए थे और पाकिस्तान में हिंदुओं का कत्लेआम मच गया था। दरअसल, हम बात कर रहे हैं (Aaj ka Itihas) देश के बंटवारे की।

उस समय लम्बी-लम्बी कतारों में लोग पाकिस्तान से भारत और भारत से पाकिस्तान की ओर पैदल और रेलगाड़ियों में निकल पड़े थे। इसी समय (15 June History) पाक में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की आग भड़क गयी थी और लोगों को काटकर ट्रैन में भरकर भारत भेजा जाने लगा।

अंग्रेजों ने दिया कभी न भरने वाला जख्म

बंटवारे का प्रस्ताव तत्कालीन गवर्नर जनरल माउंटबेटन ने दिया था। कांग्रेस अधिवेशन में मंजूरी मिलने की बाद इस अंग्रेजी योजना को ब्रिटिश पार्लियामेंट ने भी 18 जुलाई को पास कर दिया। इसके बाद 15 अगस्त की तारीख बंटवारे के लिये तह हुई और अंग्रेजों ने भारत को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया।

हिंदुओं का कत्लेआम

अंग्रेजों की योजना के तहत ही भारत और पाकिस्तान में नफरत का बीज इस बंटवारे से बोया गया था। बंटवारे के बाद किसी को अपना महल तो किसी को अपना घर छोड़कर दूसरे मुल्क आना पड़ा।

इस दौरान पाकिस्तान में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा भी छिड़ गई। हिंदुओं को कल्मा पढ़ने को कहा गया और ऐसा न करने पर कत्ल कर दिया जाने लगा। यहां तक कि हिन्दू औरतों की आबरू लूटी जाने लगी और इससे बचने के लिए कुछ औरतों ने खुद को आग के हवाले कर लिया। वहीं, कुछ के माता-पिता ने बेटी की आबरू लुटने से बचाने के लिए खुद ही उसका गला घोंट मौत के घाट उतार दिया।

15 जून की महत्वपूर्ण घटनाएं- 

  • 1846– अमेरिका-कनाडाई सीमा की स्थापना
  • 1878- दुनिया की पहली चलती फिरती तस्वीर कैमरे में कैद हुई
  • 1896- जापान के इतिहास का सबसे विनाशकारी भूकंप 15 जून को ही आया था। इसके बाद उठी सुनामी से 22,000 लोगों की जान चली गई थी।
  • 1908 – एशिया के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंजों में से एक कलकत्ता में खुला
  • 1947 – अखिल भारतीय कांग्रेस ने भारत के विभाजन की नींव डालने वाली ब्रिटिश योजना को मंजूरी दी।
  • 1954- यूरोप के फुटबॉल संगठन UEFA (यूनियन ऑफ यूरोपियन फुटबाल एसोसिएशन) का आज ही गठन।
  • 1982- अर्जेन्टीना की सेना ने फाकलैंड में ब्रिटिश सेना से मानी हार।
  • 1988– नासा ने स्‍पेस वाहन एस-213 लॉन्च किया।
  • 1994– इस्रायल और वैटीकन सिटी में राजनयिक संबंध स्थापित।
  • 1997-  इस्तांबुल में डी-8 नामक संगठन का आठ मुस्लिम देशों द्वारा किया गया गठन।
  • 1999- अमेरिका ने लाकरबी पैन एम. विमान दुर्घटना के लिए लीबिया पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी।
  • 2001- शंघाई5 को शंघाई सहयोग संगठन का नाम दिया गया। भारत और पाकिस्तान को नहीं दी गई सदस्यता।
  • 2004 – ब्रिटेन के साथ परमाणु सहयोग को अमेरिकी राष्ट्रपति बुश ने दी मंजूरी।
  • 2006 – भारत और चीन ने पुराना सिल्क रूट खोलने का निर्णय लिया।

आज ही के दिन बंटवारे को मिली मंजूरी

इस खूनी बंटवारे (Partition of India) का बीज आज ही के दिन पड़ा था। दरअसल, 15 जून 1947 को कांग्रेस ने अपने अधिवेशन में देश के बंटवारे को मंजूरी दी थी।

दिल्ली में हुए इस अधिवेशन के बाद हमेशा एक परिवार और भाइयों की तरह रहने वाले लोग दो मुल्कों में बंट गए। इस कदम से ना केवल एक मुल्क बंटा, बल्कि रिश्ते और भावनाएं भी बंट गई।

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