रामचरितमानस पर बयान देकर बुरे फंसे स्वामी प्रसाद मौर्य! लखनऊ में दर्ज हुई एफआईआर

FIR lodged against Swami Prasad Maurya for controversial statement on  Ramcharitmanas| स्वामी प्रसाद मौर्य पर दर्ज हुई एफआईआर, रामचरितमानस पर दिया  विवादित बयान - India TV Hindi

विनीत माहेश्वरी (संवाददाता )

उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य लखनऊ में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह एफआईआर स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस को लेकर दिए विवादित बयान के कारण दर्ज कराई गई है। उन्होंने रामचरितमानस के कुछ हिस्सों पर यह कहते हुए पाबंदी लगाने की मांग की थी । उन्होंने कहा था कि उससे समाज के एक बड़े तबके का जाति, वर्ण और वर्ग के आधार पर अपमान होता है।

स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में आईपीसी की धारा 295 ए ,298, 504, 505(2),153a के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। लखनऊ के ऐशबाग में रहनेवाले शिवेंद्र मिश्रा ने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

स्वामी प्रसाद मौर्य से पहले बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने 11 जनवरी को नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में रामचरितमानस को समाज में नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था। उनके इस बयान पर काफी विवाद हुआ था। इसके बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी विवादित बयान देकर इस मामले और हवा दे दी।

समाजवादी पार्टी के कई विधायकों ने भी स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर विरोध जताया था और कहा था कि वे इस मामले में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात कर उन्हें स्थिति से अवगत कराएंगे। विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय ने कहा कि रामचरितमानस एक ऐसा ‘ग्रन्थ’ है, जिसे भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोग पढ़ते हैं, और इसका पालन भी करते हैं।

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