पहलवानों ने अपनाया सख्त रवैया, कहा राजनीतिक दलों की नो एंट्री

Wrestler Protest Bajrang Punia during press conference said that there is no  interference of political party in our protest | पहलवानों ने अपनाया सख्त  रवैया, कहा राजनीतिक दलों की नो एंट्री -

विनीत माहेश्वरी (संवाददाता )

 देश के शीर्ष पहलवानों ने शुक्रवार को भी अपने विरोध को जारी रखा है। 2020 ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीत चुके बजरंग पूनिया ने मीडिया से बात करते हुए सभी सवालों के जवाब दिए। उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इस बात पर साफ कहा कि इस विरोध में किसी भी राजनितिक पार्टी का कोई भी रोल नहीं है और हम अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक के अलावा विनेश फोगाट जैसे भारत के टॉप पहलवान पिछले दो दिन से डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष के खिलाफ धरने पर बैठे हैं।बजरंग पूनिया ने कहा कि ”हमने अपनी मांगें सरकार के सामने रख दी हैं और उन्होंने आश्वासन दिया है कि सारी मांगें पूरी हो जाएंगी। हमारी लड़ाई किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं बल्कि हमारी लड़ाई संघ से है। हमें नहीं लगता कि इस मामले में इतना समय लगना चाहिए।” पूनिया ने आगे कहा कि, “प्रधानमंत्री ने हमेशा खिलाड़ियों का मान, सम्मान और साथ दिया है। हम प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और खेल मंत्री से निवेदन करेंगे कि इस मामले में जल्द से जल्द हमारी मांगों को सुना जाए। WFI के अध्यक्ष ने इसमें राजनीतिक, जाति आदि मोड़ दिया है। लेकिन इस प्रदर्शन में सारे खिलाड़ी हैं।”बजरंग पूनिया ने बृजभूषण शरण सिंह पर तीखा वार करते हुए कहा कि, “हम कानून का सहारा लेकर चलेंगे। अध्यक्ष जी ने कहा है कि उनके खिलाफ एक भी सबूत होगा तो वह फांसी लगा लेंगे, उम्मीद करते हैं कि यह भी बहुत जल्द होगा। हम बृजभूषण शरण सिंह के सामने आने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन वह भाग रहे हैं। हम सब लोग अपना करियर दांव पर लगाकर आए हैं।” उन्होंने अध्यक्ष पर यौन उत्पीड़न और डराने का आरोप लगाया है। साथ ही महासंघ को जल्द से जल्द भंग करने की मांग की है। बजरंग पूनिया ने कहा कि हम यह अपने लिए नहीं कर रहे हैं बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप देख सकते हैं कि यहां पर 20-20 साल के खिलाड़ी मौजूद हैं। अभी जिनका करियर 10 साल बचा हुआ है।

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