मुद्रास्फीति के लक्ष्य से ऊपर रहने के बारे में सरकार को लिखा पत्र सार्वजनिक नहीं किया जाएगा:

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Letter to govt on inflation targetting failure not to be made public: RBI's  Das | Mint

विनीत माहेश्वरी (संवाददाता )

मुंबई, 30 सितंबर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार
को कहा कि आरबीआई का मुद्रास्फीति लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाने के संदर्भ में सरकार को लिखा
जाना वाला पत्र विशेषाधिकार का मामला है और वह इसे सार्वजनिक नहीं करेगा।
मध्यम अवधि में महंगाई को लक्ष्य के दायरे में रखने के कानून के तहत आरबीआई को लक्ष्य
हासिल करने से चूक को लेकर सरकार को पत्र लिखकर उसका कारण बताना होगा। साथ ही पूरी
विस्तृत जानकारी देनी होगी कि चार प्रतिशत का लक्ष्य कबतक हासिल किया जा सकता है। इस बारे
में केंद्रीय बैंक और सरकार के बीच समझौता हुआ है।
समझौते के तहत आरबीआई को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित
मुद्रास्फीति चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी मिली है। मुद्रास्फीति लगातार आठवें महीने छह
प्रतिशत से ऊपर है जो आरबीआई के लिये निर्धारित लक्ष्य की ऊपरी सीमा से अधिक है।
ऐसी आशंका है कि खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर महीने में भी छह प्रतिशत से ऊपर रहेगी। इसका
आंकड़ा 12 अक्टूबर को जारी होगा। अगर यह लक्ष्य से ऊंचा रहता है, तो समझौते के तहत
आरबीआई को पत्र के माध्यम से स्पष्टीकरण देना होगा।

मुद्रास्फीति को निर्धारित दायरे में रखने के लक्ष्य को लेकर नियम 2016 से चल रहे हैं लेकिन यह
पहली बार होगा, जब आरबीआई को पत्र लिखकर पूरा ब्योरा देना होगा।
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करने के बाद संवाददाताओं से
कहा, ‘‘यह (पत्र) केंद्रीय बैंक और सरकार के बीच विशेषाधिकार वाला संचार होगा। इस समय मैं यह
नहीं कह सकता कि यह सार्वजनिक होगा या नहीं क्योंकि यह केंद्रीय बैंक की तरफ से सरकार को
दिया विशेषाधिकार से जुड़ा पत्र होगा।’’
उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति की बैठक में सरकार को भेजे जाने वाले पत्र की बातों पर
विचार करेगी।
दास ने यह भी कहा कि आरबीआई मुद्रास्फीति के दो साल में चार प्रतिशत के लक्ष्य के करीब आने
की उम्मीद कर रहा है। इसमें निरंतर कमी आने की उम्मीद है।
केंद्रीय बैंक के अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 में महंगाई दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान
है। दूसरी तिमाही में इसके 7.1 प्रतिशत तथा तीसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
चौथी तिमाही में इसके 5.8 प्रतिशत पर रहने की संभावना है।

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