बेतवा नदी के बीच टापू पर फंसे तीन बच्चों सहित 5 लोगों को सुरक्षित निकाला गया -दो घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम के समक्ष थी कई चुनौतियां

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Uttar Pradesh News, बेतवा नदी में अचानक से आ गई बाढ़, लकड़ी काटने गईं 3  महिलाएं टापू पर फंसीं.. 7 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन - women trapped on island  in betwa river

विनीत माहेश्वरी (संवाददाता)

ललितपुर, 15 सितंबर ललितपुर जिले के तालबेहट के पास स्थित ग्राम थानागांव के
निकट बेतवा नदी के बीच टापू पर फंसे तीन बच्चों सहित पांच लोगों को प्रशासन ने रेस्क्यू कर देर
रात 10 बजे सुरक्षित निकाल लिया है। 2 घंटे चले रेस्क्यू के दौरान सुरक्षा दल को काफी परेशानियों
का सामना करना पड़ा। सभी लोगों को सुरक्षित निकालने जाने पर ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार
जताया है।
बुधवार सुबह तीन बच्चे सहित 5 लोग बकरियां चराने के लिए बेतवा नदी के बीच स्थित टापू पर
गए थे। इसी दौरान अचानक माताटीला बांध से पानी छोड़ दिया गया, जिसके कारण बेतवा नदी
उफान पर आ गई। इन लोगों में कोतवाली तालबेहट क्षेत्रान्तर्गत ग्राम थानागांव के मजरा प्यासी
निवासी अमित सेन पुत्र रामरतन (13), अमित पुत्र रज्जू लाल (18), जितेन्द्र पुत्र मुकेश कुशवाहा
(14), अवधेश पुत्र विनोद कुशवाहा (13), दिनेश पुत्र भगवानदास (25) शामिल हैं।
बुधवार सुबह बकरियां लेकर ये बेतवा नदी के किनारे गए हुए थे, दोपहर में वे बेतवा नदी के बीच में
स्थित टापू पर बकरियों को लेकर चले गए तभी अचानक 3 बजे के दरम्यान माताटीला बांध में पानी
की भारी आवक के चलते 12 गेट खोलकर 50 हजार क्यूसिक पानी छोड़ दिया गया। इसके चलते
बेतवा नदी उफान पर आ गई और पानी धीरे-धीरे टापू के ऊपर की ओर आने लगा। जिससे टापू पर
फंसे तीनों बच्चों सहित पांचों लोग घबरा गए और उन्होंने इसकी सूचना मोबाइल से परिजनों, गांव
वालों व प्रशासन को दी।
इधर शाम 6 बजे सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया और जिलाधिकारी आलोक सिंह ने
एनडीआएफ टीम सहित अधिकारियों को मौके पर भेजा, जिसके बाद रात 8 बजे घटनास्थल पर
उपजिलाधिकारी तालबेहट अमित भारतीय, क्षेत्राधिकारी तालबेहट इमरान अहमद, तहसीलदार, नायब
तहसीलदार, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे। नाव व स्टीमर की
व्यवस्था की गई और माताटीला बांध के अधिकारियों से बात कर छोड़े जा रहे पानी की निकासी बंद
किये जाने के लिए कहा गया लेकिन अधिकारियों ने गेट बंद तो नहीं किए लेकिन थोड़े कम कर
दिये, जिससे बहाव कम हुआ। रात 10 बजे नाव के जरिए सभी पांचों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल
लिया गया। सुरक्षित निकलते ही तीनों बच्चों सहित पांचों ने भगवान के जयकारे लगाने शुरू कर
दिए।

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