शाहदरा दक्षिण निगम उपायुक्त की हिटलरशाही , जनसुनवाई का तरीका ही बदल डाला

अतुल अग्रवाल

दिल्ली नगर निगम के एकीकरण होने के बाद निगम आयुक्त द्वारा निगम में फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए नई पहल की शुरुआत की गई थी ! जिसमे सभी जोन उपायुक्त अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा गया था कि प्रतिदिन 12 बजे से 1:00 के बीच अपने कार्यालय में मौजूद रहकर जनता से ‘ जनसुनवाई के तहत ‘ दिल्ली नगर निगम जोन से संबंधित सभी समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए कहा गया था। वही शाहदरा दक्षिण जोन उपायुक्त द्वारा जनसुनवाई का अनोखा तरीका सामने आया है , जिसमें जनसुनवाई के दौरान उपायुक्त महोदय से मिलने के लिए एक पर्ची जारी की जाती है जिस पर अपना नाम और अपनी समस्या के बारे में लिखकर अवगत कराना होगा ! पर्ची मिलने पर उपायुक्त महोदय द्वारा तय किया जाता है कि किस से मिलना है किस से नहीं , अन्यथा बाहर बैठे छोटे उपायुक्त द्वारा पर्ची देखकर लोगो को समस्या से संबंधित अधिकारी के पास धक्के खाने के लिए भेज दिया जाता है । जन सुनवाई के दौरान भी उपायुक्त महोदय से बिना उनकी मर्जी के नहीं मिला जा सकता तो फिर इस जनसुनवाई का क्या मतलब है। इतना ही नहीं उपायुक्त महोदय को जनसुनवाई के दौरान जोन के अंतर्गत आने वाले लाइसेंस विभाग, बिल्डिंग विभाग, हेल्थ विभाग, सफाई विभाग, डेम्स विभाग, शिक्षा विभाग, के अधिकारियों की भी उपस्थिति गवारा नहीं। इसलिए उपायुक्त महोदय अपने बंद ऑफिस में बैठकर अकेले ही लोगों की समस्याओं को सुना करती है , और कार्रवाई के नाम पर लोगों को कौरा आश्वासन देकर भेज दिया जाता है। वहीँ समस्याओं से घिरी जनता द्वारा अपनी समस्या का समाधान ना होने पर उपायुक्त महोदय से मिलने जाने पर बाहर बैठे छोटे उपायुक्त द्वारा यह कह दिया जाता है कि मैडम बार – बार नहीं मिलती। वहीं शाहदरा उत्तरी जोन उपायुक्त महोदय जन सुनवाई के दौरान मीटिंग हॉल के अंदर जनता के बीच बैठकर जनता की समस्या सुनते हैं। उपायुक्त महोदय द्वारा उत्तरी जोन नगर निगम अंतर्गत आने वाले सभी विभाग के अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान उपस्थित रहने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। जनसुनवाई के दौरान जनता को होने वाली समस्याओं के लिए उससे संबंधित विभाग अधिकारियों को जनता के बीच जवाब देने के लिए कहा जाता है, इतना ही नहीं लोगों की समस्याओं का जल्द से जल्द निपटारा करने के लिए उपायुक्त महोदय द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान आदेश दिया जाता है। दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आने वाले शाहदरा स्थित दोनों जोन में जनसुनवाई का अलग – अलग तरीका जनता का समझ नहीं आ रहा हैं , इसलिए शाहदरा दझिण क्षेत्र में रहने वाली जनता जनसुनवाई के नाम पर अपने आपको ठगा सा महसूस कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शाहदरा दझिण क्षेत्र में रहने वाली परेशान जनता और जनता द्वारा चुने जाने वाले जनप्रतिनिधि शाहदरा दझिण ज़ोन उपायुक्त की हिटलरशाही के बारे में जल्द दिल्ली के उपराज्यपाल महोदय से मिलकर उनको अवगत कराने का मन बना चुकी है।

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