मनीष सिसोदिया के 'लुकआउट सर्कुलर' ट्वीट पर मचा घमासान, सीबीआई अधिकारी ने कहा- जारी ही नहीं हुआ

विनीत माहेश्वरी (संवाददाता )

नई दिल्ली, 21 अगस्त  दिल्ली की आबकारी नीति से विवादों में आने के बाद घोटाले के आरोपों से
घिरे उप मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया समेत 14 लोगों के खिलाफ रविवार को
'लुकआउट सर्कुलर' पर मचे राजनीतिक घमासान के बीच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने स्थिति साफ की है।
सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा है कि सिसोदिया समेत किसी के खिलाफ 'अभी तक' लुकआउट सर्कुलर जारी
नहीं हुआ है।

उल्लेखनीय है इस घोटाले के सिलसिले में सीबीआई ने 19 अगस्त को सिसोदिया के आवास समेत अन्य ठिकानों
पर छापा मारा था। इसके बाद मनीष सिसोदिया ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी गिरफ्तारी की आशंका
जताई थी। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बड़े कामों पर ब्रेक लगाना चाहती
है, इसीलिए हो सकता है कि 2-4 दिन में मुझे गिरफ्तार कर लिया जाए।
इस बारे में मनीष सिसोदिया के रविवार सुबह किए गए ट्वीट ने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया। उन्होंने
ट्वीट में कहा- 'आपकी सारी रेड फैल हो गई। कुछ नहीं मिला। एक पैसे की हेराफेरी नहीं मिली। अब आपने लुक
आउट नोटिस जारी किया है कि मनीष सिसोदिया मिल नहीं रहा। ये क्या नौटंकी है मोदी जी?, मैं खुलेआम दिल्ली
में घूम रहा हूं। बताइए कहां आना है? आपको मैं मिल नहीं रहा?'
इस ट्वीट के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा, “क्या दिल्ली का
शिक्षा मंत्री इतना अनपढ़ और मूर्ख है कि लुकआउट नोटिस का मतलब नहीं समझता? लुकआउट नोटिस का
मतलब है कि अब आप देश से बाहर भागने की कोशिश करोगे तो रोक लिए जाओगे। आपके शराब घोटाले के दो
अपराधी विदेश भाग चुके हैं।”
भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने मनीष सिसोदिया से कहा कि जनता को गुमराह मत कीजिए। लुकआउट नोटिस का
मतलब होता है कि आप अपने पार्टनर इन क्राइम विजय नायर की तरह देश छोड़कर न भाग जाएं। ये नौटंकी नहीं
है। ये इन्वेस्टिगेशन उन करोड़ों रुपये की है जो आपने और केजरीवाल ने जनता से लूटे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आबकारी
नीति ‘घोटाले’ का मुख्य स्तंभ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं। उन्होंने केजरीवाल सरकार से सवाल किया कि यदि
आबकारी नीति सही थी, तो वापस क्यों ली गई।
भाटिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) कह रही है कि 2024 का चुनाव मोदी बनाम केजरीवाल होगा, लेकिन
हम सभी जानते हैं कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में क्या हुआ। केजरीवाल ने प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार किया
है। यह चिंताजनक है। आबकारी नीति घोटाले की जड़ें भ्रष्ट केजरीवाल के दरवाजे तक जाती हैं, कोई भी कानून से
ऊपर नहीं है और कोई भ्रष्ट व्यक्ति नहीं बख्शा जाएगा। भाटिया ने कहा कि जैसे-जैसे भ्रष्टाचार की गांठें खुल रही
हैं, हथकड़ी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीब हो रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि 'आप' की दिल्ली और पंजाब सहित दो प्रदेशों में सरकार है। दोनों प्रदेशों के स्वास्थ्य
मंत्री भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में हैं। देश की जनता कह रही है कि अगर कोई सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी है तो वो
मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी है। आज भारत की जनता कह रही है कि 'आप' नहीं 'पाप' है, भ्रष्टाचारियों
का बाप है और जनता के लिए अभिशाप है।
इस मसले पर भाजपा दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने पिछले सात सालों में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आम
आदमी पार्टी (आप) की रीति नीति में आये बदलाव को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद
केजरीवाल आबकारी नीति घोटाले के किंगपिन हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में पहली बार यह देखा गया है कि

वही शिक्षा मंत्री हैं और वही शराब मंत्री हैं। केजरीवाल सरकार की नई आबकारी नीति नहीं है। ये पापकारी नीति है।
ये भ्रष्टाचारी नीति है। ये अत्याचारी नीति है।

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