भारत का सांस्कृतिक और सामरिक संदेश

विनीत माहेश्वरी (संवाददाता )

राष्ट्र जीवन में सांस्कृतिक और सामरिक दोनों विषयों का महत्व होता है। संस्कृति की दृष्टि से भारत
सदैव समृद्ध रहा है। नरेन्द्र मोदी सरकार ने राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना जागृत की है। यही नहीं,
सरकार सामरिक मजबूती पर भी विशेष ध्यान दे रही है।रक्षा तैयारी के लिहाज से वर्तमान सरकार का
कार्यक्रम अभूतपूर्व रहा है।अनुमान है कि अगले दो वर्षों में यहह सरकार अपने ही कीर्तिमान को पीछे
छोड़ देगी। आत्मनिर्भर भारत अभियान ने भारत को शक्तिशाली बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया
है। इसके बाद भी विश्व शांति के प्रति भारत का दृष्टिकोण में परिवर्तन नहीं हुआ है। शांति भारत की
विरासत और प्रकृति है। दुनिया में केवल भारतीय चिंतन ने विश्व शांति और मानव कल्याण को
महत्व दिया है। किन्तु इस चिंतन के अनुरूप कार्य करने के लिए भारत का शक्तिशाली होना
अपरिहार्य है। हिंसक प्रवृत्ति के देश शांति की भाषा नहीं समझते हैं। वह कमजोर लोगों की बात भी
नहीं समझते। प्राचीन भारत शक्तिशाली भी था। इसलिए उसके शांतिवादी विचारों का दुनिया में
सम्मान था। भारत विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित था। लेकिन रक्षा तैयारी की अवहेलना होने पर
भारत को बहुत नुकसान उठाना पड़ा। विदेशी आक्रमणकारियों ने इसका लाभ उठाया। नरेन्द्र मोदी ने
भारत को शक्तिशाली बनाने का अभियान चलाया। उसके साथ ही दुनिया को बताया कि भारत युद्ध
नहीं बुद्ध का देश है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत किसी को छेड़ेगा नहीं, लेकिन भारत
के विरुद्ध हिंसक गतिविधि चलाने वाले को छोड़ेगा नहीं। रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर अभियान ने
दुनिया का ध्यान आकृष्ट किया है। भारत को अभी तक सामरिक हथियारों का सबसे बड़ा आयातक
माना जाता था। अब चालीस से अधिक देशों को भारत सामरिक उत्पाद का निर्यात कर रहा है। अन्य
क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत अनेक योजनाएं संचालित हो रही है। उत्तर प्रदेश
के डिफेंस इंडस्ट्रियल काॅरिडोर से देश को रक्षा उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और मेक इन
इंडिया को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है।
नरेन्द्र मोदी ने करीब तीन वर्ष पूर्व लखनऊ में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट का शुभारम्भ करते हुए
उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल काॅरिडोर स्थापित करने की घोषणा की थी। योगी आदित्यनाथ के
प्रयासों से इसमें व्यापक सफलता मिल रही है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि ग्लोबल
सिक्योरिटी कंसर्न,बार्डर डिस्प्यूट्स और मैरीटाइम डोमिनेंस के चलते दुनिया भर के देश आज अपनी
सेना के मॉर्डनाइजेशन पर फोकस कर रहे हैं। ऐसे में सैन्य उपकरणों की डिमांड भी तेजी के साथ
बढ़ती जा रही है। रिपोर्ट बताती हैं कि बीते वर्ष में वर्ल्ड मिलिट्री स्पेंडिंग लगभग दो ट्रिलियन यूएस
डॉलर पर पहुंच चुकी थी। डिफेंस रिलेटेड डॉमेस्टिक डिमांड में भी बढ़ोतरी होगी। भारत सुरक्षा संबंधी
जरूरतों को पूरा करने में आत्मनिर्भर बन रहा है। देश का विकास पब्लिक सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर
के बीच समन्वय से हो सकता है। निजी क्षेत्र की अहमियत को समझते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल
बिहारी वाजपेयी ने आज से बीस साल पहले डिफेंस सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर की सौ प्रतिशत
प्रतिभागिता की व्यवस्था की थी। कास्टिंग और फोर्जिंग के क्षेत्र में जिन भारतीय कंपनियों ने दुनिया
में बड़ा नाम कमाया है- पीटीसी इंडस्ट्रीज लिमिटेड उनमें से एक है। लखनऊ में जिस प्लांट का
उद्घाटन हुआ है वह एयरोस्पेस और एयरोस्पेस में टाइटेनियम और निकिल के आलाय बनाने वाली
पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। भारत के अलावा अमेरिका, फिनलैंड,चीन,नॉर्वे व स्वीडन की बड़ी और
प्रतिष्ठित कंपनियों को पीटीसी द्वारा अपने उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कुछ समय पहले लखनऊ में निजी क्षेत्र की रक्षा कम्पनी का उद्घाटन राजनाथ सिंह ने किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ और उत्तर प्रदेश के उद्यमी को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर यूपीडीआईसी में पहली संचालित निजी क्षेत्र की रक्षा
विनिर्माण सुविधा का उद्घाटन किया। रक्षा विनिर्माण सुविधा विमान के इंजन, हेलीकॉप्टर इंजन,
विमानों के लिए संरचनात्मक भागों,ड्रोन और यूएवी,पनडुब्बियों, अल्ट्रा लाइट आर्टिलरी गन, स्पेस
लॉन्च व्हीकल और स्ट्रैटेजी सिस्टम आदि का निर्माण करेगी। रक्षा मंत्री ने एक एकीकृत धातु निर्माण
सुविधा की आधारशिला भी रखी। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने न तो दुनिया के किसी देश पर
आक्रमण किया है और न ही किसी देश की एक इंच जमीन ली है। वसुधैव कुटम्बकम का संदेश इसी
धरती से गया है। हमें अपनी विरासत पर गर्व करना चाहिए। भारत दुनिया के ताकतवर देशों की
श्रेणी में शामिल है। दुश्मन देशों से निपटने की शक्ति भारत में है। प्रत्येक भारतवासी को अपनी सेना
के जवानों पर नाज होना चाहिए। पाकिस्तान ने जब नापाक हरकत की तो हमारे सेना के जवानों ने
उनके घर मे घुसकर सर्जिकल और एयर स्ट्राइक की।
(लेखक, स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।)